The Unexpected gains Diaries
प्रतिमा या चित्र की स्थापना:- जिस देवता से संबंधित मंत्र का जप कर रहे हैं, उनकी प्रतिमा या चित्र अपने सामने रखें। जप आरंभ करने से पहले देवता की पूजा करें।
सामने गादी बैठे राजा, पीडो बैठे प्राजा मोहे।
ब्रह्मचर्य व्रत का पूर्ण रूप से पालन करें।
अपने गुरु एवं परमात्मा पर पूर्ण विश्वास और श्रद्धा रखें।
उत्तर बांधों, दक्खिन बांधों, बांधों मरी मसान, डायन भूत के गुण बांधों, बांधों कुल परिवार, नाटक बांधों, चाटक बांधों, बांधों भुइयां वैताल, नजर गुजर देह बांधों, राम दुहाई फेरों।
जप साधना में असली शुद्ध सामग्री का ही उपयोग करें।
जो जो हनुमंत धगधजित फलफलित आयुराष: खरूराह
साधना समय में असली धूप का हीं उपयोग करें।
सही स्थान और समय:- मंत्र जाप के लिए एकांत, शांत और पवित्र स्थान का चयन करें। रात्रि के शांत वातावरण में या ब्रह्म मुहूर्त में मंत्र जाप करना अधिक प्रभावी होता है।
मंत्र जाप के समय इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि आपको लगभग सवा घंटे तक लगातार मंत्रों का जाप करना है या फिर आप चाहे तो जब तक सूर्य ग्रहण खत्म नहीं हो जाता तब तक साबर मंत्र का जाप कर सकते हैं.
शाबर read more मंत्रों का सही तरीके से जप करना आवश्यक है ताकि उनकी शक्ति को पूरी तरह से महसूस किया जा सके। नीचे शाबर मंत्र जप के नियम विस्तार से बताए गए हैं।
Your browser isn’t supported anymore. Update it to have the greatest YouTube working experience and our most current features. Learn more
शस्त्र स्तंभन मंत्र : दुनिया का शक्तिशाली स्तम्भन प्रयोग सन्तोष यक्षिणी साधना : यक्षिणी की प्रचंड और तीव्र साधना धन निकालने का मंत्र : मायावी धन निकालने का आसान उपाय मदनमेखला यक्षिणी साधना : यक्षिणी साधना से क्या होता हे?
साधना के लिए एकांत और शुद्ध स्थान का उपयोग करें।